Education "Beyond Imagination"
Who We Are ?
We are a Family cum Team of 5 people where everyone is a trainer. BeEklavya is a research of 25+ years, experienced & tested on hundreds of students, teachers, parents across several states of the country including Uttarakhand, Delhi, Chhattisgarh, Madhya Pradesh, Rajasthan, Uttar Pradesh, etc.
We have been Nominated & Awarded with multiple National and International Awards including Best Educationist Award (Delhi), Pride of Asia in Education Excellence Award (Goa), Shiksha Ratna Samman Award (Uttarakhand), etc.
We have been featured in Major Print & Digital News Channels including Zee News, Dainik Jagran, Amar Ujala, Tv 24, Hindustan Times, etc.
4 Changes Every School must Follow
BeEklavya's School Transformation Program

Skills before Syllabus
Schools का काम बच्चों को Syllabus कराने का नहीं बल्कि बच्चों को Syllabus करने लायक बनाने का है और इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण है Skills यदि बच्चों को कुछ महत्वपूर्ण Skills सिखा दिया जाए तो वह अपने Syllabus को खुद से 4 से 6 महीने में पूरा कर सकते हैं |
- Handwriting Skill
- Reading Skill
- Translation Skill [4 Phases]
- Picturization Skill [Imagination -Visualization – Thinking ]
- Question Making Skill [Understanding]
- Explanation Skill [Presentation]
- Video Making Skill [Public Speaking]
- Project Making Skill
इन सभी Skills को 15 से 20 दिन में Develop किया जा सकता है जिससे बच्चे अपने Syllabus को खुद से 4 से 6 महीने में पूरा करने में सक्षम हो सकते हैं ।

Study Processing Method
Schools का काम Students को समझाने का नहीं बल्कि समझने लायक बनाने का है यदि Students को समझने लायक बना दिया जाए तो वह अपने Syllabus को खुद से पूरा कर सकते हैं और इस तरह से कर सकते हैं कि उन्हें “याद करने और रिवीजन करने की जरुरत ही नहीं पड़ेगी” यही है BeEklavya’s Study processing Method.
- Read the Topic
- Make Maximum Pictures of the Topic
- Make Maximum Questions of the Topic
- Explain the Topic Using Pictures
- Record a Video
Skills डेवलप होने के बाद इन 5 Steps को follow करके किसी भी Chapter या Topic को Process किया जा सकता है जिसमें बार-बार याद करने रिवीजन करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी | इससे Students के पास Topics की Series होती है |

2 Subject Concept
40 मिनट ना एक टीचर के लिए पर्याप्त है कि वह सभी Students के Holistic Development पर ध्यान दे पाए और ना ही Students के लिए पर्याप्त है कि वह 40 minutes में Topic को deeply समझ सके | सबसे महत्वपूर्ण है कि टीचर के पास पर्याप्त समय हो प्रत्येक बच्चे पर ध्यान देने का इसके लिए 2 Subject Concept है |
- 2 Subjects Weekly
- Change of Subjects every Week.
Student खुद निर्णय लेता है कि उसे कौन-सा सब्जेक्ट पढ़ना है वह उस चैप्टर को खुद से Study Processing Method से तैयार करता है और 10 से 15 days में एक पूरी Book complete कर देता है। 40 मिनट की पीरियड का कॉन्सेप्ट बच्चों में जल्दबाजी और भागा दौड़ी की आदत डाल देता है इससे वे ना तो पूरे तरीके से chapter – topic को समझ पाते हैं बल्कि handwriting भी खराब होती है और बहुत सी बारीकियां छूट जाती है | 2 Subject Concept से बच्चे अपने syllabus को 4 से 6 महीने में पूरा कर लेते हैं |

Co - Operation Method
School में Student सिर्फ सीखने ही नहीं बल्कि सिखाने भी आना चाहिए क्योंकि जब हम सिखाते हैं तभी हम सही मायने में बेहतर तरीके से सीख पाते हैं इसलिए बच्चों में Co Operation अनिवार्य है |
- Group wise Team
- Circular sitting Arrangement
हर वह काम जो टीम के किसी Student को आता है वह दूसरे को सिखाता है व हर वह काम जो उसे नहीं आता वह दूसरे से सीखता है, इस तरह बच्चों में एक दूसरे के प्रति सहयोग की भावना (Helping Nature) का विकास होता है जिससे वे एक अच्छे नागरिक के रूप में विकसित होते हैं । एक दूसरे को सिखाने से बच्चों में Confidence बढ़ता है और वह जल्दी सीख जाते हैं |

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